आरती संग्रह - भारतीय संस्कृति की पवित्र परंपरा

आरती हिंदू धर्म की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र परंपरा है जो सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। यह एक भक्तिमय अनुष्ठान है जिसमें दीपक या कपूर की लौ से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। आरती के समय मंगलमय वातावरण में घंटियों की मधुर ध्वनि, शंख की गूंज और भक्तिगीतों का सामूहिक गायन होता है जो मन को शांति और आत्मा को तृप्ति प्रदान करता है। प्रत्येक देवी-देवता की अपनी विशिष्ट आरती होती है जिसमें उनके गुणों, लीलाओं और महिमा का वर्णन होता है। सुबह और शाम की आरती का विशेष महत्व माना जाता है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नकारात्मकता दूर होती है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है। यहां आपको विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा जिसमें लिखित पाठ के साथ-साथ उनका अर्थ और पूजा विधि भी दी गई है। चाहे आप गणेश जी की आरती हो, लक्ष्मी जी की, हनुमान जी की या किसी भी अन्य देवता की आरती खोज रहे हों, यहां आपको पूर्ण जानकारी मिलेगी।

कुल 96 पोस्ट

श्री रामदेव आरती (Shri Ramdev Aarti)

श्री रामदेव आरती एक भक्तिमय स्तुति‑गीत है जो श्री रामादेस्वामी के दयालु, रक्षक और चमत्कारी रूप की महिमा का बखान करता है। यह आरती उनके ...

पढ़ें →

गणपति की सेवा आरती (Ganpati Seva Aarti)

॥ आरती श्री गणपति जी ॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥ गणपति की सेवा मंगल ...

पढ़ें →

श्री बालाजी आरती (Shri Balaji Ki Aarti)

!! ॐ जय हनुमत वीरा !! ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा । संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा ॥ ॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ पवन पुत्र अंजनी सूत, महिमा ...

पढ़ें →

अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती ( Maa Durga Maa Kali Aarti )

माँ दुर्गा या अम्बे माता शक्ति की देवी हैं। उनका स्वरूप भयंकर दानवों का संहार करने वाला और भक्तों की रक्षा करने वाला है। नवरात्रि के द...

पढ़ें →

शिवजी की आरती (Shivji Ki Aarti)

ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुराननपञ्चानन राजे। हंसासन गर...

पढ़ें →